
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री — द्वितीय कार्यकाल · उत्तर प्रदेश सरकार
- जन्म तिथि
- 5 जून 1972
- जन्म स्थान
- पंचूर, गढ़वाल (वर्तमान उत्तराखंड)
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मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश); गोरक्षपीठाधीश्वर, श्री गोरक्षपीठ; सदस्य, विधान सभा, उत्तर प्रदेश; पूर्व सांसद (लोकसभा-लगातार 5 बार) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
प्रारंभिक जीवन एवं परिवार
योगी आदित्यनाथ, जिनका जन्म नाम अजय सिंह बिष्ट है, का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के वर्तमान पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ। उनका पालन-पोषण एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ। उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में फॉरेस्ट रेंजर के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनकी माता सावित्री देवी गृहिणी थीं। आनंद सिंह बिष्ट बाद में सेवानिवृत्त हुए और वर्ष 2020 में उनका निधन हो गया।
योगी आदित्यनाथ चार भाइयों और तीन बहनों, अर्थात कुल सात भाई-बहनों के परिवार में पले-बढ़े। वे परिवार में पांचवें संतान और तीन बड़ी बहनों तथा एक बड़े भाई के बाद जन्मे थे। उनके छोटे भाइयों में शैलेंद्र मोहन और महेंद्र मोहन शामिल हैं। परिवार से संबंधित प्रकाशित विवरणों के अनुसार उनके एक भाई ने सेना में सेवा की, जबकि अन्य भाई अलग-अलग व्यावसायिक एवं संस्थागत कार्यों से जुड़े रहे। उनकी बहनों में शशि पयाल सहित तीन बहनें हैं।
शिक्षा और आध्यात्मिक झुकाव
अजय सिंह बिष्ट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड में प्राप्त की और बाद में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर से विज्ञान विषय में स्नातक की शिक्षा पूरी की। छात्र जीवन के दौरान ही उनका सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की ओर झुकाव बढ़ने लगा।
युवा अवस्था में वे गोरखनाथ परंपरा और गोरखनाथ मठ से जुड़े। इसी क्रम में उनकी मुलाकात महंत अवैद्यनाथ से हुई, जो आगे चलकर उनके आध्यात्मिक गुरु बने। महंत अवैद्यनाथ गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर थे।
संन्यास ग्रहण
लगभग 22 वर्ष की आयु में अजय सिंह बिष्ट ने सांसारिक जीवन का त्याग कर संन्यास ग्रहण किया। योगी आदित्यनाथ की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, 15 फरवरी 1994 को गोरखनाथ मंदिर में महंत अवैद्यनाथ ने उनका दीक्षाभिषेक किया और उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। इसके बाद वे ‘योगी आदित्यनाथ’ के नाम से नाथ परंपरा के संन्यासी जीवन में आगे बढ़े।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वे मात्र 22 वर्ष की आयु में गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी बने। बाद में सितंबर 2014 में महंत अवैद्यनाथ के निधन के पश्चात वे गोरक्षपीठाधीश्वर बने।
संन्यास ग्रहण करने के बाद उनका जीवन पारंपरिक गृहस्थ जीवन से अलग हो गया। आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड में उनकी वैवाहिक स्थिति अविवाहित तथा उनका पेशा Religious Missionary और Social Worker दर्ज है।
इस प्रकार, अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ बनने की यात्रा उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण परिवर्तन थी—एक सामान्य ग्रामीण परिवार में जन्मे युवा से लेकर नाथ संप्रदाय के संन्यासी, गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी और आगे चलकर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेता बनने तक।
राजनीतिक जीवन
योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक जीवन वर्ष 1998 में शुरू हुआ, जब उन्होंने अपने गुरु एवं गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा। मात्र 26 वर्ष की आयु में वे 12वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और उस समय के सबसे कम उम्र के सांसदों में शामिल रहे।
इसके बाद गोरखपुर की जनता ने उन्हें लगातार चार और बार लोकसभा के लिए निर्वाचित किया। वे 1999 में 13वीं लोकसभा, 2004 में 14वीं लोकसभा, 2009 में 15वीं लोकसभा और 2014 में 16वीं लोकसभा के लिए गोरखपुर से निर्वाचित हुए। इस प्रकार उन्होंने लगातार पाँच लोकसभा चुनाव जीते और लगभग दो दशकों तक गोरखपुर का संसद में प्रतिनिधित्व किया।
संसदीय भूमिका
सांसद के रूप में योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न संसदीय समितियों में कार्य किया। अपने पहले कार्यकाल में वे खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी स्थायी समिति, चीनी एवं खाद्य तेल वितरण संबंधी उप-समिति तथा गृह मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। बाद के कार्यकालों में उन्होंने विदेश मामलों, सरकारी आश्वासनों, परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति तथा सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित संसदीय समितियों में भी कार्य किया।
2014 से 2017 के दौरान वे सांसदों के वेतन, भत्ते एवं पेंशन संबंधी संयुक्त संसदीय समिति के सभापति भी रहे। लोकसभा के रिकॉर्ड के अनुसार, अपने विभिन्न कार्यकालों में उन्होंने बहसों, प्रश्नों और संसदीय चर्चाओं में भाग लिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया। उन्होंने 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता छोड़ी और 18 सितंबर 2017 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने।
मुख्यमंत्री के रूप में उनके पहले कार्यकाल 2017–2022 में सरकार ने कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढाँचे, निवेश, औद्योगिक विकास, एक्सप्रेसवे, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों को प्रमुख प्रशासनिक प्राथमिकताओं में रखा।
वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पुनः सरकार बनाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च 2022 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने पहली बार प्रत्यक्ष विधानसभा चुनाव गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र से लड़ा और निर्वाचित हुए। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं तथा गोरखपुर शहरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सामाजिक कार्य एवं जनसेवा
योगी आदित्यनाथ के सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़ा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में उनकी सामाजिक गतिविधियों के अंतर्गत आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर तथा पिछड़े वर्गों के बच्चों के लिए छात्रावास की व्यवस्था, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान
गोरखनाथ मठ से जुड़े महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश में विद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन किया जाता है। योगी आदित्यनाथ की आधिकारिक जीवनी के अनुसार, वे चार दर्जन से अधिक शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं धर्मार्थ संस्थाओं के संचालक अथवा संरक्षक के रूप में जुड़े रहे हैं।
इन संस्थाओं का उद्देश्य ग्रामीण और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना रहा है। गोरखनाथ मठ से जुड़े संस्थानों में विद्यालयों और महाविद्यालयों के साथ-साथ तकनीकी तथा व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित संस्थान भी संचालित होते हैं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा
स्वास्थ्य सेवा भी उनकी सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख क्षेत्र रहा है। गोरखनाथ मठ से जुड़े संस्थानों में अस्पताल, आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र और नर्सिंग संस्थान संचालित होते हैं। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, इन संस्थानों के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
उनकी आधिकारिक जीवनी में ‘गुरु श्री गोरखनाथ दरिद्र नारायण स्वास्थ्य सेवा कोष’ जैसी सेवा संस्थाओं तथा चिकित्सा संस्थानों से उनके जुड़ाव का भी उल्लेख मिलता है।
जनसंपर्क और जनसेवा
योगी आदित्यनाथ के सार्वजनिक जीवन में जनता से सीधे संवाद की परंपरा भी दिखाई देती है। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के माध्यम से वे लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याएं सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश देते हैं। हाल के जनता दर्शन कार्यक्रमों में शिक्षा, चिकित्सा, आवास, पुलिस, राजस्व और अन्य जनकल्याण से जुड़े मामलों पर लोगों ने उनसे सहायता मांगी है।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ
योगी आदित्यनाथ सामाजिक सेवा के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में योग, आध्यात्मिक गतिविधियों, धार्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं तथा सामाजिक जनजागरण को उनकी प्रमुख गतिविधियों में शामिल किया गया है।
गोरक्षपीठ से जुड़े सामाजिक कार्यों में गौशालाओं का संचालन, सामुदायिक भोजन, गरीबों की सहायता तथा धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल रहे हैं।
| अवधि | पद | संगठन | क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| — | लोकसभा सदस्य | 12वीं लोकसभा | गोरखपुर |
| — | लोकसभा सदस्य | 13वीं लोकसभा | गोरखपुर |
| — | लोकसभा सदस्य | 14वीं लोकसभा | गोरखपुर |
| — | लोकसभा सदस्य | 15वीं लोकसभा | गोरखपुर |
| — | लोकसभा सदस्य | 16वीं लोकसभा | गोरखपुर |
| — | संयुक्त संसदीय समिति (सांसदों के वेतन, भत्ते एवं पेंशन) के सभापति | भारत की संसद | — |
| — | उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य | उत्तर प्रदेश विधानसभा | — |
| — | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री — प्रथम कार्यकाल | उत्तर प्रदेश सरकार | उत्तर प्रदेश |
| — | उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य | उत्तर प्रदेश विधानसभा | गोरखपुर शहर |
| वर्तमान | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री — द्वितीय कार्यकाल | उत्तर प्रदेश सरकार | उत्तर प्रदेश |
| वर्ष | चुनाव | निर्वाचन क्षेत्र | दल | परिणाम | प्राप्त मत | अंतर |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1998 | लोकसभा | गोरखपुर | भारतीय जनता पार्टी | won | — | — |
| 1999 | लोकसभा | गोरखपुर | भारतीय जनता पार्टी | won | — | — |
| 2004 | लोकसभा | गोरखपुर | भारतीय जनता पार्टी | won | — | — |
| 2009 | लोकसभा | गोरखपुर | भारतीय जनता पार्टी | won | — | — |
| 2014 | लोकसभा | गोरखपुर | भारतीय जनता पार्टी | won | — | — |
| 2022 | विधान सभा | गोरखपुर शहर | भारतीय जनता पार्टी | won | — | — |